#सत_भक्ति_संदेश
काल ब्रहा की साधना से वह मोक्ष प्राप्त नहीं होता
जो गीता अध्याय के 15 श्लोक 4 में बताया है कि , तत्वज्ञान से अज्ञान को काटकर परमेश्वर के उस परम पद की खोज करनी चाहिएं जहां जाने पश्चात् साधक फिर लौटकर संसार में अभी नहीं आते हैं ।
काल ब्रहा की साधना से वह मोक्ष प्राप्त नहीं होता
जो गीता अध्याय के 15 श्लोक 4 में बताया है कि , तत्वज्ञान से अज्ञान को काटकर परमेश्वर के उस परम पद की खोज करनी चाहिएं जहां जाने पश्चात् साधक फिर लौटकर संसार में अभी नहीं आते हैं ।
।। मूर्ति पूजा ।।
वेद तथा अठारह पुराण को पढ़ते हैं ,
और मूर्ति को पूजा करते हैं वदोयक्त सर्व के सर्जनहार परम अक्षर ब्रह्म को भूल गए हैं अन्य प्रभु की पूजा करके उस परम शक्ति तथा सनातन परमधाम अर्थात परमेश्वर के परम पद से वंचित रह जाते हैं
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